बच्चों की अपनी दुनिया होती है.
उनकी दुनिया में प्रेम और सत्य का राज्य होता है.
बच्चों की दुनिया मैं आइये, इस राज्य मैं आप का स्वागत है.
आज के बच्चे कल एक उन्नत भारत का निर्माण करेंगे. क्या आप कह सकते हैं कि आप अपने बच्चों का आदर्श बन पाये हैं?
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Posted by Suresh Chandra Gupta at Saturday, November 05, 2011
बच्चे भगवान का रूप हैं,
आइये उन में भगवान के दर्शन करें.
बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं,
स्वस्थ बचपन, स्वस्थ राष्ट्र.
यदि आप अपने बच्चों को सही बातें नहीं सिखायेंगे,
तब कोई और उन्हें बुरी बातें सिखा देगा.
हम एक अच्छा इंसान बनना चाहते हैं,
इस मैं हमारी मदद करिये,
हमारे आदर्श बनिए.
पानी हमारा जीवन है,
पानी बचाइए, जीवन बचाइए.
अत्यधिक शोर हानिकारक है,स्वास्थ्य पर बुरा असर करता है,
शोर से बचिए, शोर मत करिये.
हवा और पानी को गन्दा करके हम ख़ुद को नुकसान पहुंचाते हैं.
घर का कूड़ा इधर उधर मत फैंकिये, इस से बीमारियाँ फैलती हैं.
अच्छे पड़ोसी बनिए,
आप को अच्छे पड़ोसी मिलेंगे.
सबसे प्रेम करिये,
प्रेम जीवन को संवारता है.
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